गोगा नवमी उत्सव समिति और वाल्मीकि नवयुवक मंडल का संयुक्त आयोजन; दीप प्रज्वलन, माल्यार्पण व महाप्रसाद वितरण के साथ मनाया उत्सव
By भरतराज मर्दाने
अकोट: आदिकाव्य रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की जयंती सोमवार को अकोट के स्थानीय वाल्मीक नगर चौक परिसर में श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई. गोगा नवमी उत्सव समिति एवं वाल्मीकि नवयुवक मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में समाजबंधुओं और युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की. इस अवसर पर महर्षि वाल्मीकि के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया.
कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता नरसिंग चावरे (चौधरी), मनोहर मर्दाने, राजे छत्रपति ग्रुप के अध्यक्ष चेतन मर्दाने, रामदास धामुनिया (जमदार), राजेंद्र संगेले (जमदार), भरतराज मर्दाने और रामदास चावरे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे.
रोशनाई, रंगोली और आतिशबाजी से उत्सवी हुआ माहौल
महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में वाल्मीक नगर परिसर को आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया गया. रंग – बिरंगी रंगोलियों और आतिशबाजी ने उत्सव की रौनक बढ़ा दी. महर्षि वाल्मीकि के जयघोष और उनके गुणगान से परिसर भक्तिमय हो उठा. आयोजन में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था.
कार्यक्रम के समापन पर समाजबंधुओं ने एक – दूसरे को मिठाई खिलाकर जयंती की शुभकामनाएं दीं. इसके साथ ही उपस्थित लोगों के लिए महाप्रसाद का वितरण किया गया.
समाजबंधुओं की रही उल्लेखनीय उपस्थिति
इस अवसर पर राजेश मर्दाने, किसन सारवान, भूपेंद्र धामुनिया, गुरु सारसर, देवकिशन गोहर, निलेश बागड़े, संदीप चंडालिया, विजू धामुनिया, निलेश चावरे, संतोष गोहर, हितेश संगेले, विजय चावरे, अजय सारवान, आकाश चावरे, रितु मर्दाने, भरत कालूराम मर्दाने, बलदेव चंडालिया, आनंद मर्दाने, प्रफुल्ल मर्दाने, सुमित बेंडवाल, भोंटू चावरे, बाबा धामुनिया और कार्तिक चावरे सहित अनेक समाजबंधु उपस्थित रहे.
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन भरतराज मर्दाने ने किया. आयोजन को सफल बनाने में नवयुवक गोगा नवमी उत्सव समिति के अंगद सारवान, यश गोहर, आयुष मर्दाने, युवराज मर्दाने, आर्यन चावरे, अमन हजारे, पृथ्वी मर्दाने, वरुण मर्दाने, विशाल गोहर, कृणाल मर्दाने और युवराज सारवान सहित अन्य युवाओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया.
महर्षि वाल्मीकि जयंती के इस आयोजन के माध्यम से समाज में एकता, आपसी सद्भाव और महापुरुषों के आदर्शों के प्रति सम्मान की भावना को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया.









